देहरादून, 13 नवंबर 2025 | Pahadi Varta Bureau
उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य के MBBS डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब बांड पर सेवा दे रहे डॉक्टरों को तीन वर्ष की अनिवार्य सेवा पूरी करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (MD/MS/DNB) पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
डॉ. रावत ने बताया कि यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और डॉक्टरों के करियर-विकास में संतुलन स्थापित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि “राज्य सरकार चाहती है कि युवा डॉक्टर पहाड़ों और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करें, लेकिन साथ ही उन्हें अपने उच्च शिक्षा के अवसर भी मिलें।”
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी मेडिकल सेवाओं में कार्यरत डॉक्टरों को कम-से-कम दो वर्ष सेवा देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टरों को अब 50 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन देने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है, जिससे वहां स्वास्थ्य सेवाओं में स्थिरता और प्रोत्साहन बढ़ सके।
डॉ. रावत ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में बायोमैट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी। यह व्यवस्था डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। अनुपस्थित पाए जाने वाले डॉक्टरों पर बांड उल्लंघन की कार्रवाई की जाएगी।
इस घोषणा के साथ राज्य सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कठोर अनुशासन और बेहतर मानव संसाधन प्रबंधन की दिशा में गंभीर है। नए नियमों से जहां मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, वहीं डॉक्टरों को भी भविष्य-निर्माण का अवसर मिलेगा।
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