दिल्ली में पहली बार भव्य स्तर पर मनी इगास बग्वाल — अधिवक्ता दुष्यंत नायक की अनोखी पहल

दिल्ली में जहां हर साल छठ पूजा, गणेश उत्सव और अन्य सांस्कृतिक पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं, वहीं इस बार राजधानी में पहाड़ी संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। अधिवक्ता दुष्यंत नायक और उनकी टीम ने पहली बार इगास बग्वाल (बुढ़ी दिवाली) को इतने भव्य पैमाने पर आयोजित कर एक नया इतिहास रच दिया।


पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का विशेष संदेश

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी एक वीडियो संदेश के माध्यम से अधिवक्ता दुष्यंत नायक और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस प्रकार का आयोजन उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति को नई पहचान दे रहा है।


विधायक रविंद्र सिंह नेगी का ‘पहाड़ी एकता’ संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने भाग लेकर आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा,

“आज जब हम अपनी परंपराओं और पहचान को सहेजने की बात करते हैं, तो ऐसे आयोजन हमें एक सूत्र में बांधते हैं। दिल्ली में रह रहे पहाड़ी समाज का यह उत्सव हमारी जीवंत जड़ों का प्रमाण है।”

नेगी ने पहाड़ी समाज से अपील की कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए मिलजुलकर कार्य किया जाए।


दिल्ली-एनसीआर के पहाड़ियों की बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम में दिल्ली और एनसीआर के पहाड़ी परिवारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, गीत-संगीत और दीपोत्सव से पूरा वातावरण गढ़वाली और कुमाऊँनी संस्कृति से सराबोर हो उठा। महिलाओं को पारंपरिक पिछौड़ा भेंट किया गया, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक शान का प्रतीक है। सभी अतिथियों का तिलक और साफा पहनाकर सम्मान किया गया।


अधिवक्ता दुष्यंत नायक की प्रेरक पहल

अधिवक्ता दुष्यंत नायक ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना नहीं, बल्कि दिल्ली और देशभर में बसे पहाड़ी लोगों को एकजुट करना है। उन्होंने कहा,

“इगास बग्वाल हमारी संस्कृति, एकता और पहचान का पर्व है। यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है।”

इस दौरान ढोल-दमाऊं की थाप पर ‘भेल्ला’ और पारंपरिक नृत्य ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।


गर्व और एकता का पर्व

टीम दुष्यंत नायक” के सदस्यों ने इसे ‘Proud Moment for Team Dushyant Nayak Advocate’ बताते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की गौरवशाली परंपराओं, नारी सम्मान और एकता का उत्सव है। उन्होंने सभी उपस्थित अतिथियों, समर्थकों और सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया।


📡 जुड़े रहिए ताज़ा खबरों के लिए —
👉 WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VbBYxlC2UPBPHgjd0G1m
👉 YouTube: https://www.youtube.com/@PahadiVarta
👉 Website: 🌐 www.pahadivarta.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *